- धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क रायपुर
रायपुर/



प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सतत सुधार तथा परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने हेतु, समाज में महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार करने तथा आर्थिक स्वावलंबन एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना की शुरुआत आधिकारिक रूप से 1 मार्च 2024 को हुई थी और इसका औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को किया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा है कि मोदी की गारंटी का मतलब होता है, गारंटी पूरी होने की गारंटी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 8 अक्टूबर 2026 को योजना की 32 वीं किस्त के रूप में 67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में डी बी टी के माध्यम से 632.40 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई है। अब तक 20,708 करोड़ से अधिक की राशि महतारी वंदन योजना के माध्यम से माता-बहनों को प्रदान की जा चुकी है।
महतारी वंदन योजना से रायपुर जिले के 5 लाख 13 हजार 534 हितग्राही, बिलासपुर जिले के 4 लाख 11 हजार 310 हितग्राही, दुर्ग के 3 लाख 89 हजार 507 हितग्राही, बलौदाबाजार-भाटापारा के 3 लाख 19 हजार 815 हितग्राही और महासमुंद जिले के 3 लाख 12 हजार 162 हितग्राहियों के खातों में डी बी टी के माध्यम से सुशासन की सरकार राशि अंतरित कर माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सक्षम बना रही है।
वर्ष 2015 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं के भविष्य के लिए बचत का अवसर देती है। इसके माध्यम से मां-बाप बेटियों की शिक्षा और विवाह जैसी भविष्य की जरूरतों के लिए धन जमा कर सकते हैं। इन महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि नियमित आर्थिक सहायता से बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए योजनाबद्ध बचत की शुरुआत करना संभव हो रहा है।